तीन तरह के लुगदियाँ - रसा-यांत्रिक लुगदी, रसायनिक लुगदी और डी-इंक्ड लुगदी - एकत्रित करके न्यू.जप्रिण्ट बनाते हैं।

रसा-यांत्रिक लुगदी (सी.एम.पी.)

230 बी.डी.एम.टी. प्रति दिन का सी.एम.पी संयंत्र (संड्स डी-फाइब्रेटर, स्वीडेन) लुगदी के उत्पादन हेतु कठोर काष्ठ (यूकेलिप्टेस, अकॉसिया) टुकड़ी का उपयोग करता है। टुकड़ियाँ धोयी जाती हैं, पूर्वभापित की जाती हैं, तथा कॉस्टिक सोड़ा से संसेचित की जाती हैं। संसेचित टुकड़ीयों में से स्पेन्ट क्षार की वसूली की जाने के बाद तीन रैफिनेटर्स के द्वारा यांत्रिक रूप से लुगदीकृत की जाती हैं। रैफिनेटर्स को 6.5 मेगा वाट (बी.एच.ई.एल. निर्मित) सिन्क्रोनस मोटर्स द्वारा चलाया जाता है। ट्वीन रोल प्रेस के उपयोग से प्राथमिक सूक्ष्मीकरण के उपरांत स्पेन्ट रसायनों को निकाल लिया जाता है। दूसरे चरण के सूक्ष्मीकरण के उपरांत लुगदी को धोया जाता है तथा हाईड्रोजन पेरॉक्साइड से विरंजित किया जाता है। टी.सी.एफ. विरंजन प्रविधि का निस्सारी मुक्त प्रचालन होता है। तीसरे चरण के सूक्ष्मीकरण के उपरांत विरंजित लुगदी को पेपर मशीन में आगे उपयोग हेतु उच्च घनत्व युक्त भंडारण टॉवर में भेज दिया जाता है।

रसायन लुगदीकरण (सी.पी.) - क्षमता : 100 बी.डी.एम.टी. प्रति दिन

बी.एच.पी.वी. निर्मित स्थिर अनुलम्ब पाचित्रों के उपयोग से परम्परागत क्राफ्ट प्रविधि के माध्यम से सरकंडा/बाँस टुकड़ी लुगदीकृत किया जाता है। दोहरे धार की धुलाई के उपरांत क्लोरीन तत्पश्चात्‌ हाईड्रोजेन पेरॉक्साइड चरण से लुगदी को विरंजित किया जाता है।

डी-इंकिंग संयंत्र (डिप)

100 टी.पी.डी. डी-इंकिंग संयंत्र में पुराने समाचार पतर्‌ (ओ.एन.पी.) तथा पुराने पत्रिकाग.ज (ओ.एम.जी.) का उपयोग होता है। रद्दी काग.ज को तोला जाता है तथा बैच लुगदीकारक में लुगदीकृत किया जाता है एवं डम्प टॉवर में भंडारित किया जाता है। 2 चरण के द्वारा एच.डी. परिष्कारक के उपयोग से लुगदी को संदुषकों से साफ़ किया जाता है। एक 7 कक्ष युक्त प्लवन प्रविधि द्वारा स्याही को लुगदी से हटाया जाता है। लुगदी को फिर 4 चरणों के सेंट्री क्लीनर्स तत्पश्चात्‌ 3 चरण के स्लॉट स्क्रीन द्वारा साफ किया जाता है। लुगदी को डिस्क निस्यन्दक तथा स्क्रू प्रेस में 30 % सूखापन के साथ गाढ़ा किया जाता है तथा जो कि गर्म बिखराव के अनुरूप होता है। फिर लुगदी को सोडियम हाईड्रोक्साइड के उपयोग से विरंजित किया जाता है तथा उच्च घनत्वयुक्त भंडारण टॉवर में भंडारित किया जाता है। एक बहिस्कार संचालन प्रणाली कराबन 50 % सूखापन के साथ निपटान हेतु बहिष्कृतों को अलग करती है। हमारे एफ.बी.सी. बॉयलर्स में उपयोग हेतु 40 % सूखापन के साथ पंक संचालन प्रणाली स्याही पंक को गाढ़ा कर देती है।

पेपर मशीन में

सी.एम.पी., सी.पी. तथा डी.ऐ.पी. को एक निश्चित अनुपात में मिश्रित किया जाता है तथा एप्रोच बहाव पद्धति के माध्यम से हेडबॉक्स में भेजा जाता है जहाँ पर रसा-योगात्मकों को मिलाया जाता है। पेपर मशीन एप्रोच बहाव पद्धति चार चरणों-युक्त सेंट्री क्लीनर, क्लार्क तथा विकेरियो डीक्यूलेटर पद्धति, प्राइमरी फैन पम्प तथा परिवर्तनशील गति द्वितीय फैन पम्प तथा प्रेशर स्क्रीन्स्‌ से युक्त होता है।

पेपर मशीन वॉइथ, जेर्मनी, की आधुनिक उच्च गतियुक्त मशीन है। अपेक्षित वेग के साथ, द्रवित लुगदी उच्च टर्बूलेन्स डब्लू-टाईप हेड बॉक्स से डयूओफोर्मर 'ट्वीन वायर' निर्मित अनुभाग की तरफ बहता है। काग.ज प्रेस सेक्शन से ड्रायर सेक्शन के तरफ जाता है, जिस में 36 ड्रायर्स तथा थेर्मो कम्प्रेसर, भाप तथा संघनित्र प्रणाली के साथ एक स्वेट ड्रॉयर है। सूखा हुआ काग.ज का सतह दो कस्टर्स स्विमिंग रोल्स के साथ एक चार रोल के खुले कैलेण्डर स्टेक के माध्यम से चिकना किया जाता है।

44 से 54 जी.एस.एम. के न्यू.जप्रिण्ट के उत्पादन हेतु 6.85 मीटर के डेकल (चौडाई) के साथ मशीन को प्रति मिनट (एम.पी.एम.) 750 मीटर की गति पर अभिकल्पित किया गया है। थॉयरीस्टर नियंत्रण के साथ मशीन में सेक्शनल डी.सी. ड्राइव है। अंतिम भाग में वॉइथ का वाइन्डर, जेगेन्बर्ग साल्वेज वाइन्डर तथा क्लैनवेफर्स का रोल लपेटन मशीन है। क्रय किया गया क्राफ्ट पेपर तथा ग्रे बोर्ड के साथ यहाँ कुंडलीकृत कोर मसीन में काग.ज कोर निर्मित होता है।

उपयोगिताएं

तरलीकृत तल ज्वलन के साथ 3 ए.बी.वी./ए.बी.एल. बॉयलर्स द्वारा भाप की आवश्यकताओं की पूर्ति होती है। बी.एच.ई.एल. निर्मित एक रासायनिक वसूली बॉयलर है। 15 मेगावाट और 7 मेगावाट की क्षमता वाले दो टर्बो जनित्र हैं। करीबन 35 % के कुल विद्युत की आवश्यकताओं की पूर्ति राज्य विद्युत बोर्ड से होती है। संयंत्र के उपयोग एवं नियंत्रण हेतु मिल में एक प्रभावी जल एवं वायु आपूर्ति प्रणाली भी है।

निस्सारी उपचार

राष्ट्रीय प्राथमिकताओं एवं बढ़ते हुए सामाजिक दायित्वों को ध्यान में रखते हुए, एच.एन.एल. ने पर्यावरण तथा प्रदूषण नियंत्रण उपायों को अपनाया है। रंग एवं अन्य प्रदूषकों को निकाला जाता है तथा प्रदूषकों से मुक्त जल को नदी में छोड़ा जाता है। वायु प्रदूषण को भी प्रभावी इलेक्ट्रो स्टेटिक प्रेसिपिटेटर्स द्वारा नियंत्रित किया जाता है।





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